मेरा पहला दूसरा इश्‍क – Mera Pehla Doosra Ishq

Mera Pehla Doosra Ishq

मेरा पहला दूसरा इश्‍क

अगर पहला इश्‍क जख्‍म था ना तो दुसरा इश्‍क मरहम, अगर पहले इश्‍क ने मुझे सिखाया कि मुझे क्‍यू प्‍यार करना चाहिए तो दूसरे इश्‍क ने मुझे सिखाया कि मुझे क्‍युँ प्‍यार करना चाहिए। आपने कभी किसी नई Maza की बोटल के खत्‍म हो जाने पर उसमे पानी भरके पिया है। तो अगर पहला इश्‍क उसमे भरे आम रस जैसा होता है ना तो दूसरा इश्‍क उसमे पानी जैसा जिसमे महक और Flavor तो उसी की होती है लेकिन स्‍वाद नही आता। और ये कहानी मेरे पहले दूसरे इश्‍क की है।

तो जब पहली मोहब्‍बत बिखर गई थी न तो यह तय किया था की अब किसी को घर छोड़कर आने के बाद वापिस किसी को पलटके नही देखना है। अब दोबारा घड़ी नही पहननी क्‍यूँकि अब अगर घड़ी के कांटे किसी के दुपटटे मे उलझे ना तो शायद सुलझ नही पायेंगे । अब अपने करियर पर ध्‍यान देना है और अपने सपनो को तबज्‍जो देनी है। तो पढ़ाई की और एग्‍जाम देने का फैसला किया। एग्‍जाम की Date तय हुई 15 अक्‍टूबर शहर इंदौर, इंदौर की ट्रेन पकड़ी और इंदौर निकल गये। 2 स्‍टेशन तक न कोई ट्रेन मे चढ़ा न कोई ट्रेन से उतरा। ऐसा लग रहा था जैसे किसी तूफान से पहले कि शांति हो और तीसरे स्‍टेशन पे Entry हुई उनकी,  नेहा राजपूत कद 5.5ft एक White color की Shirt Blue Denim jeans कानो मे Earphones ऑंखो पे बाल खुले हुए और 1 च्‍युईंगम की Bite पे बेशुमार Coolness ऐसा लगता था ना वो लगभग ताजमहल जैसी ही थी जिसे केवल मोहब्‍बत के लिए बनाया गया हो। जिसे देखकर खुश हुआ जा सकता है पर अपना नही बनाया जा सकता। मे अक्‍सर भगवान से पूछता हू की ये 2 ऑंख 2 कान 1 नाक और 32 दाँत वाले Combination तो हम सबके पास है। फिर कयूँ कुछ लोगो की Combination इतनी Perfect वहरहाल उनके ट्रेन के डिब्‍बे मे Entry करते ही लगभग सारी Ladies ने जलन के मारे Lipstick का Touchup कर लिया और लड़को ने Impression के मारे अपने बाल सवार लिए पर मैं अब भी अपनी किताबो मे उलझा ही हुआ था की अचानक वो मेरे पास आई और बोली की Excuse me क्‍या मे आपका ये Lower Birth ले सकती हूँ । अब मे कोई हवाई जहाज मे तो बैठा नही था। जो खिड़की के बाहर के बादल जरूरी हो मेरे लिए तो मेने कहा ठीक हे हमे कोई एतराज नही है आप ले ले फिर बो खिड़की के बाहर देखने लगी और देखते देखते देखते देखते देखते देखते अचानक मेरी और मुड़ी की क्‍या तुम Writer हो ? मैने कहा हा पर आपको कैसे पता उन्‍होने कहा बस पता है। मैने पूछा आप क्‍या करती है ? उन्‍होने कहा बरखुर्दार Introduction करने के सिलसिले मे सबसे पहले नाम पूछा जाता है । तो नाम पूझो तुम मेरा मैने कहा ठीक है तो नाम क्‍या है आपका ? उन्‍होने कहा नेहा और फिर जैसे नेहा रूकी ही नही उन्‍होने मुझे लगभग सबकुछ बता दिया जैसे कि विराट कोहली उन्‍हे कितना पसन्‍द है जैसे कि Class 8th मे वो पहली बार कैसे अपनी साईकल से गिरी थी और अपना घुटना छिला लिया था जैसे उन्‍हे कददू बिल्‍कुल पसन्‍द नही है वैसे कददू हमे भी कहा पसन्‍द होता है। उन्‍होने ये भी बताया की उन्‍हे Cold Coffee बहुत पसन्‍द है बताते बताते अचानक मुझसे पूछा की तुम्‍हे क्‍या पसन्‍द है हमने कहा की Cold Coffee तो नही लेकिन हा चाय के बड़े शोकीन हे हम बो भी अदरक वाली। शाम को चाय का वक्‍त हुआ तो मैने चाय खरीदी चाय जब खत्‍म हुई तो उन्‍होने कहा चाय के पैसे मैने कहा कददू और कोहली के बीच ये पैसे कहा से आ गये। हम ये Lazy और लापरवाह लोगो की 1 कोम होती है जो अकसर बैग से किताब या पैन निकालने के बाद चैन बन्‍द करना भूल जाते है। तो रात का जब वक्‍त हुआ और मिडिल बर्थ उठाई गई तो बैग से मेरी चीजे फर्श पर जा गिरी । फर्श से मैने अपनी चीजे उठाई  मोबाईल के फ्लेश के उजाले मे और किसी तरह अपनी बर्थ पे सोने चला गया । सुबह 6 बजे जब ट्रेन जयपुर पे लगी तेा बहुत से लोगो का हुजूम चड़ गया ट्रेन मे किसी तरह जददोजहद करते हुए मैने अपना बैग टांगा और प्‍लेटफार्म पर उतर गया। पर फिर याद आया की मीरा को तो अलविदा कहना ही भूल चुका हूँ। पर यह भी तो तय किया था न कि अब किसी को छोड़कर आने के बाद वापिस पलटके नही देखेंगे तो अपने Center की ओर निकल गये। इंतिहान चालू होने मे 1 घंटा था। तो बैग से सामान निकालने लगा तो मेरे होश और तोते दोनो उड़ गए। क्‍यूंकि मेरा Admit Card नदारद था । एक अन्‍जान शहर मे 1 घंटे मे  आपका एग्‍जाम चालू हो और आपका एडमिट कार्ड आपको ना मिल रहा हो ना तो Tension God Level की होने लगती है। मैने Exam Official से बात और Request की लेकिन उन्‍होने कह दिया की नही। हताश बैठा ही था की पीछे से आवाज आती है Writer साहब कुछ खोज रहे है क्‍या ? मैने पलट कर देखा तो वहां पर नेहा खड़ी थी हाथो मे Admit Card लिए और बस उसी पल बस उसी पल ऐसा लगा की यही तो वो ऐसी चीज है जिसकी मुझे कबसे तलाश है। आके मेरे पास वो कहती है की वैसे आप Tension मे बहुत  Cute लगते है All the best sir. और अचानक इंतिहान की  घंटी बज गई और मे एग्‍जाम देने चला गया। एगजाम  के लिए जाते जाते उन्‍होने पीछे से आवाज लगाई की मिलना तो मेने कहा हा वही तो हम मिलेंगे कैसे तो उन्‍होने कहा की दस्‍तुर रहा तो मिल ही लेंगे । एग्‍जाम देने के बाद जब मे लोटा तो अब बस जीवन मे एक ही मकसर था कि बस नेहा को खोजना है। Snapchat, Facebook, Twitter, Instagram सब पर कोशिश की पर मीरा कही नही मिली हमे। हताश लोट ही रहा था कि बटुऐ मे से 10 का एक नोट निकला जिसपे एक और दस्‍तूर लिखा था और एक और नेहा का नंबर तो यह एहसास हुआ ना की वो लोग जो कहते है कि जिंदगी मे मोहब्‍बत एक बार होती है बो झूठ कहते है। मैने उन्‍हे कहा की हाय चाय उन्‍होने कहा इंदौर के राजीव नगर पे सबसे फैमस चाय मिलती है  आयेंगे ना । बात सिर्फ इतनी सी है कि अगली बार आपसे कोई सुंदर सी लड़की आपका Lower Birth मांगे ना तो उसे जरूर दे देना।

 

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